महेश धावनिया का जीवन - संघर्ष और दलित समाज हेतु उनका समर्पण- सेवाभाव
बहुमुखी प्रतिक्षा के धनी महेश धावनिया का जन्म दिनांक 12 सितम्बर 1967 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में यज्ञशाला की बावड़ी, पुरानी बस्ती में हुआ था। वैसे उनका पैतृक गांव भगवानपुरा है जो जयपुर जिले की चाकसू तहसील में है।
श्री महेश धावनिया के पिताजी का नाम श्री कन्हैयालाल मुन्शी और माताजी का नाम श्रीमती कानी देवी था। पिता का संयुक्त परिवार बहुत बड़ा था। परिवार में पांच भाई और एक बहन है। आमदनी कम थी और खर्चे अधिक। इस कारण से धावनिया को बचपन में अभावग्रस्त जीवनयापन करना पड़ा।
सन् 1980 में जब महेश धावनिया मात्र 13 वर्ष के थे, उनके सिर से पिता का साया उठ गया। उनके सपनों पर और जबरदस्त कुठाराघात हुआ जब कुछ महीनों के बाद माँ का साया भी सिर से उठ गया। पन्द्रह वर्ष की आयु से ही उन्हें मजदूरी करनी पड़ी। प्रारम्भ में एक लिफाफे बनाने की फैक्ट्री में कार्य किया। इसके बाद में पंजाब इंजीनियरिंग वर्क्स फैक्ट्री, जयपुर में हैल्पर की नौकरी की। इसके साथ-साथ आर्केस्ट्रा में गायन का कार्य किया।
बचपन से ही अभाव एवं परेशानियों से जूझते हुए महेश धावनिया ने पढ़ाई करना नहीं छोड़ा। बाबा साहब भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर का संदेश शिक्षित बनों और संघर्ष करो उनके जीवन का मूलमंत्र बन गया। वे दिन में मेहनत-मजदूरी करते रहे और रात को पढ़ाई। घर की स्थिति को देखते हुए वर्ष 1986 में 18 वर्ष की आयु में उन्हें विवाह करना पड़ा। कारवां बढ़ता गया। पत्नी और परिवार में बड़ों के सहयोग से संघर्ष कम होता गया। विवाह के बाद एक पुत्र और एक पुत्री का जन्म हुआ। सरकारी सेवा में आने के बाद धीरे-धीरे जीवन-यापन सहज होता गया। वर्तमान में कार्यालय राजकीय अधिवक्ता मय अतिरिक्त महाधिवक्ता राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है।
सरकारी सेवा में आने के बाद श्री धावनिया ने परिवार के उत्तरदायित्वों को निभाते हुए सामाजिक कार्यों मे रूचि होने से जोश के साथ सामाजिक गतिविधियों में भाग लिया। अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए श्री धावनिया अपने समाज के विश्वासपात्र प्रियजन होते गये। यह इसी का परिणाम है कि समाज ने उनको अध्यक्ष नवयुवक मण्डल पुरानी बस्ती, जयपुर, प्रदेश प्रचार मंत्री बैरवा महासभा, राज. संयुक्त मंत्री नगर बैरवा महासभा जयपुर , संयुक्त मंत्री जयपुर जिला बैरवा महासभा, अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर संयुक्त विकास मंच, गुर्जर की थड़ी जयपुर, प्रदेश अध्यक्ष प्रांतीय बैरवा युवा संस्था, राजस्थान इत्यादि पदों पर रहते हुए दलित समाज को अपनी सेवायें समर्पण भाव से प्रदान करने का अवसर प्रदान किया। श्री धावनिया वर्तमान में अनुसूचित जाति समाज का सबसे बड़ा संगठन डॉ. अम्बेडकर मैमोरियल वेलफेयर सोसायटी राजस्थान जयपुर के प्रदेश संगठन सचिव एवं मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक, अनुसूचित जाति विकास परिषद, राजस्थान के प्रदेश महामंत्री पद पर, प्रान्तीय बैरवा प्रगति संस्था राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पद और राजस्थान दलित मुस्लिम एकता मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत है।
श्री धावनिया, सी-57, महेश नगर, जयपुर में रहते हुये कई स्तर पर समाज की सेवा कर रहे हैं। दलित पत्रकारिता में हस्तक्षेप करते हुए श्री धावनिया ने सन 2008 में ‘श्री बाबा‘ मासिक समाचार पत्र प्रारम्भ किया। इस महति कार्य में उनके पुत्र सम्पादक श्री भवनेश एवं पुत्री प्रकाशक/स्वामी रजनी का सहयोग कर रहे हैं।
समाजसेवा को समर्पित श्री धावनिया अपने मासिक अखबार “श्री बाबा” में वर और वधु के विज्ञापनों के माध्यम से अब तक सैकड़ों रिश्ते करवा चुके हैं। समाज में अनेक तरह के रचनात्मक कार्यों के आयोजनों में श्री महेश धावनिया की भूमिका सदैव अग्रणी रहती है। धावनिया के नेतृत्व में समाज के सहयोग से वर्ष 1995 से अब तक सैकड़ों जोडों का सामूहिक विवाह, परिचय सम्मेलन, अम्बेडकर जयंती समारोह, सर्वधर्म सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन, सामूहिक गोठें, विचार गोष्ठियां, रक्तदान शिविरों, परिचय सम्मेलनों का संचालन, समाज की प्रतिभाओं का सम्मान, समाज में स्नेह मिलन समारोह आयोजित करना, हर वर्ष युवक-युवती परिचय स्मारिका का प्रकाशन करना आदि कार्यों का सम्पादन हुआ है।
श्री धावनिया सन् 2007-2008 में राजस्थान के तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया के मुख्य अतिथि की उपस्थिति में ग्राम आगूचा, भीलवाड़ा में बाबा बालकनाथ आश्रम में सर्वधर्म सर्वसमाज के निःशुल्क सामूहिक विवाह में हजारों जोड़ों के सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन करने पर श्री महेश धावनिया को तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया एवं बाबा बालकनाथ महाराज द्वारा बीरमदेवजी महराज ने साफा पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। वैसे समाज का प्रेम उनका असली सम्मान है। श्री धावनिया को समाज सेवा के क्षेत्र में अनेक अवार्ड एवं प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया गया है।
आपका
कविराज रामलाल बैरवा
गांव- अजितपुरा, तह,- निवाई
जिला-टोेंक (राजस्थान)